समाचार
असम नतीजे से पूर्व कांग्रेस ने की बाड़ेबंदी, एआईयूडीएफ प्रत्याशियों को जयपुर में ठहराया

असम विधानसभा चुनाव परिणाम आने से पूर्व कांग्रेस ने अपने सहयोगी दल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेट फ्रंट (एआईयूडीएफ) के 19 में से 17 प्रत्याशियों को जयपुर लाकर उनकी बाड़ेबंदी कर दी है। यह पहला मौका नहीं है, जब राजस्थान राजनीतिक पर्यटन का केंद्र बना है। अशोक गहलोत की देखरेख में नवंबर 2019 से लेकर अब तक महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों को यहाँ विपक्षियों की नज़रों से बचाकर रखा गया था।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, असम के एआईयूडीएफ प्रत्याशियों को जयपुर में दिल्ली रोड स्थित फेयरमाउंट होटल में ठहराया गया है। मुख्यंमत्री के मुख्य सचेतक महेश जोशी और विधायक रफीक खान को विधायकों की सारी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। असम के कांग्रेस प्रत्याशी भी जयपुर आने थे लेकिन वे कुछ दिन बाद आएँगे।

कांग्रेस ने असम की 126 में से 93 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। 19 सीटों पर एआईयूडीएफ के उम्मीदवार उतरे थे। पार्टी को भय है कि अगर भाजपा को बहुमत नहीं मिला तो गठबंधन वाली सरकार के विधायक टूट सकते हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता इस आशंका को लेकर भय जता चुके हैं।

भाजपा के केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस बाड़ेबंदी पर अशोक गहलोत को जेलर की संज्ञा दे डाली है। उन्होंने कहा, “राजस्थान के मुख्यमंत्री दूसरी पार्टी के विधायकों को बंदी बना रहे हैं। अब तो गहलोत ने बाड़ेबंदी में विशेषज्ञता हासिल कर ली है। अभी परिणाम आए नहीं हैं और कांग्रेस पर हार का भूत सवार हो गया है।”