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इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी देश में ही बनेगी, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुआ निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार (12 मई) को हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि बाहर से आयात होने वाली बैटरी भंडारण का उत्पादन अब देश में ही किया जाएगा। अब इलेक्ट्रिक वाहनों की बैट्री देश में ही बनेंगी। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जानकारी दी।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्रकाश जावेड़कर ने बताया, “इसको लेकर लिया गया निर्णय आत्मनिर्भर भारत का एक परिदृश्य होने के साथ ही मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।”

उन्होंने बताया, “बैटरी भंडारण बढ़े इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये का बैटरी भंडारण बाहर से आयात करते हैं। हालाँकि, अब पीएलआई योजना के तहत इसका उत्पादन देश में होगा। इससे भविष्य में बड़े पैमाने पर ईंधन के आयात को कम किया जा सकेगा। देश में 45,000 करोड़ का निवेश आएगा।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “इस योजना से इलेक्ट्रॉनिक वाहन योजना को लाभ मिलेगा। कोयले का उपयोग बचेगा। बैटरी भंडारण का उत्पादन करने वाली कंपनियों को 18,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि 5 वर्ष में पीएलआई योजना के तहत कंपनियों को दी जाएगी।”