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सीएए- “हिंसा भड़काने में राजनीतिक दलों संग सिमी, पीएफआई शामिल”- खुफिया रिपोर्ट
आईएएनएस - 17th December 2019

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को लेकर देशभर में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्रालय के साथ साझा की गई खुफिया रिपोर्ट में कई खुलासे हुए। इसमें हिंसा के लिए कुछ राजनीतिक दलों संग प्रतिबंधित चरमपंथी और आतंकवादी इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों सिमी व पीएफआई पर संदेह है।

सूत्रों ने कहा, “पिछले हफ्ते मंत्रालय के साथ साझा की रिपोर्ट में कहा गया कि यह उनकी करतूत है, जो सरकार के खिलाफ हैं।” मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, “कुछ राजनीतिक दलों ने विभिन्न स्थानों पर हिंसक घटनाओं को भड़काया, जिससे चरमपंथी और उग्रवादी इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों के स्लीपर सेल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) को मौका मिला।”

हालाँकि, अधिनियम ऐसे राष्ट्र-विरोधी तत्वों के खिलाफ जाएँगे, जो देश में शांति बाधित करना चाहते हैं। सूत्रों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि हिंसा दूसरे राज्यों तक फैल सकती है।

खुफिया रिपोर्ट में कहा कि पीएफआई के पास राष्ट्रीय महिला मोर्चा और भारत के कैम्पस फ्रंट सहित विभिन्न विंग हैं, जो मौके का फायदा उठा सकते हैं। वहीं, सिमी राजनीतिक दलों के समर्थन में खुद को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही है। सिमी को सरकार ने फरवरी में 5 साल के लिए प्रतिबंधित किया था क्योंकि यह विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त है।

सोमवार (16 दिसंबर) को गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों (यूटी) को एक सलाह जारी की, जिसमें कानून और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोई भी नागरिक नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के अनुसार स्वचालित रूप से भारत का नागरिक नहीं बनेगा और हरेक को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, प्रवासियों को भारतीय नागरिकों के रूप में पंजीकरण और प्राकृतिककरण के लिए अन्य सभी शर्तों को पूरा करना होगा।