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बांग्लादेश सरकार- हिंसा के कारण रोहिंग्या शरणार्थियों की फोन सेवाएँ रोकने का आदेश

बांग्लादेश सरकार ने देश के दूरसंचार प्रदाताओं को रोहिंग्या शरणार्थियों की फोन सेवाएँ प्रदान करने से रोकने का आदेश दिया है। म्यांमार के 10 लाख शरणार्थी इस वक्त शिविरों में रह रहे हैं।

एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने यह निर्णय शरणार्थी शिविरों में हाल ही में हुई हिंसा के बाद लिया है। इस तरह सरकार ने सुरक्षा आधार पर उठाए गए अपने कदम को उचित ठहराया है।

बांग्लादेश दूरसंचार नियामक आयोग (बीटीआरसी) के प्रवक्ता ज़ाकिर हुसैन खान ने कहा, “कई शरणार्थी शिविरों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमने प्रदाताओं से इसे रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा है।”

पुलिस के अनुसार, रोहिंग्या शरणार्थी म्यांमार से तस्करी जैसी कई अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। दूरसंचार व्यवस्था में बाधा भी इन चीजों को रोकने में मदद करेगी।

रोहिग्या शरणार्थियों के बीच कुछ आपराधिक प्रवृत्ति वाले भी बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ हिंसा में शामिल हो गए हैं। हाल ही में एक रोहिंग्या के स्थानीय नेता की हत्या में संलिप्त पाया गया था। उसे बांग्लादेशी सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद मार दिया था।