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गणतंत्र दिवस की परेड में 1971 की जीत के 50 वर्ष पूरे होने पर भाग लेगी बांग्लादेशी सेना

भारत और बांग्लादेश के बीच गहराते द्विपक्षीय संबंधों की ओर इशारा करते हुए पड़ोसी देश की सेना का एक प्रतिनिधिमंडल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगा।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह विकास तब आया, जब दोनों देशों ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के 50वें वर्ष का जश्न मनाने का निर्णय लिया। इसमें पाकिस्तान को दो भागों में विभाजित किया गया था और बांग्लादेश का एक नए राष्ट्र के रूप में जन्म हुआ था। भारतीय सेना के इस अभियान को सैन्य इतिहास में सबसे कम और सबसे तेज ऐसे उदाहरणों में शामिल किया गया है।

बांग्लादेश के निर्माण के अलावा भारतीय जीत में पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल आमिर अब्दुल्ला खान नियाज़ी और उनकी 93,000 सैन्य टुकड़ियों ने भारतीय सेना के जवानों और संबद्ध बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।

इस बार 26 जनवरी पर भारत अपने 72वें गणतंत्र दिवस को ऐतिहासिक क्षण के सम्मान के रूप में मनाएगा।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में परेड देखने आने वाले दर्शकों की संख्या में कमी देखने को मिलेगी, ताकि कोविड-19 संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए सामाजिक दूरी के नियमों का पालन हो और किसी तरह की भीड़भाड़ से बचा जा सके।