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आचार संहिता के उल्लंघन पर योगी और मायावती पर लगा निश्चितकालीन प्रतिबंध

लोकसभा चुनाव 2019 में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर चुनाव आयोग ने राजनेताओं पर सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती पर आयोग ने उनकी बयानबाज़ी के चलते उन पर प्रतिबंध लगा दिया है, जागरण  ने रिपोर्ट किया।

इस प्रतिबंध के चलते योगी 72 घंटे और मायावती 48 घटों के लिए अपनी राजनीतिक पार्टी के लिए प्रचार नहीं कर पाएँगे। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग से पूछा था कि ऐसी बयानबाजी करने वाले नेताओं के लिए चुनाव आयोग ने अभी तक क्या कार्यवाही की है।

इसपर जवाब देते हुए आयोग के वकील ने न्यायालय को बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले नेताओं और राजनीतिक दलों पर कार्यवाही करने के लिए आयोग के पास सीमित शक्तियाँ हैं, जिसके बाद अदालत ने कहा कि वह आयोग की शक्तियों का परीक्षण करेगा।

पिछले दिनों देवबंद में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन की एक रैली में मायावती ने कहा था कि मुस्लिम मतदाताओं को भावनाओं में बहकर अपने मतों को बँटने नहीं देना है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री ने ‘बजरंग बली और अली’ का ज़िक्र कर मायावती पर निशाना साधा था। इन्‍हीं बयानबाजियों को आदर्श आचार संहिता का उल्‍लंघन बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। जिसके इन दोनों नेताओं के ऊपर आयोग ने प्रतिबंध लगाया है।

अपने इस बयान पर मायावती से चुनाव आयोग ने जवाब मांगा था और इसकी आखिरी तारीख 12 अप्रैल थी पर अभी तक मायावती ने आयोग को अपना जवाब नहीं दिया है।