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राफेल लड़ाकू विमान से बालाकोट हवाई हमला और कारगर होता- वायुसेना प्रमुख धनोआ

 

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा कि बालाकोट हवाई हमलों में तकनीक हमारे पक्ष में थी। अगर हमें समय पर राफेल लड़ाकू विमान मिल जाते तो परिणाम देश के पक्ष में और होते।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, आईएएफ प्रमुख भविष्य की एयरोस्पेस शक्ति और प्रौद्योगिकी के प्रभाव पर आयोजित एक संगोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “बालाकोट ऑपरेशन में हमारे पास तकनीक थी। हम बड़ी सटीकता से हथियारों का इस्तेमाल कर सके। बाद में हम बेहतर हुए क्योंकि हमने अपने मिग-21, बिसॉन और मिराज-2000 विमानों को उन्नत बनाया था।”

धनोआ ने कहा, “अगर हमने समय पर राफेल लड़ाकू विमानों को खरीद लिया होता तो नतीजे हमारे और बेहतर निकलते। 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में आईएएफ ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों को नेस्तनाबूत कर दिय था।”

धनोआ ने आगे कहा, “राफेल और सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 मिसाइल प्रणाली आने से दो-चार साल में फिर तकनीकी संतुलन हमारे पक्ष में होगा। जैसा कि 2002 में ऑपरेशन पराक्रम के समय यह हमारे पक्ष में था।”