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आजमगढ़- तबलीगी जमातियों की जानकारी देने वालों को मिलेंगे पाँच हजार रुपये ईनाम

कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने हेतु प्रमुख कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने तबलीगी जमात के सदस्यों को पकड़वाने वालों को ईनाम देने की घोषणा की है। ऐसे में जो कोई भी छिपे हुए जमाती के बारे में जानकारी आजमगढ़ प्रशासन को देगा, उसे पाँच हजार रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएँगे।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गौर करने वाली बात यह है कि तबलीगी जमात के सदस्य दिल्ली में निज़ामुद्दीन मरकज में हुई एक धार्मिक सभा में हिस्सा लेने के बाद अपने-अपने शहरों और गाँवों में जाकर छिप गए थे। दरअसल, ये सभी कोरोनावायरस के मामलों को देश में तेजी से बढ़ाने का केंद्र बन गए हैं।

पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह ने कथित तौर पर कहा, “जमात के कई सदस्य अब भी छिपे हुए हैं। हमने उनसे अपील की है कि वे अगर सामने आते हैं और अधिकारियों के सामने पेश होते हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

उन्होंने कहा, “अगर उनके बारे में जानकारी किसी अन्य स्रोत के जरिए मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने तबलीगी जमात के सदस्यों के बारे में पुलिस को जानकारी देने वालों के लिए पाँच हजार रुपये के ईनाम की घोषणा की है। साथ ही कहा कि जानकारी देने वाले के नाम गुप्त रखे जाएँगे।

अब तक शहर में चार जमातियों की जाँच में कोरोनावायरस के सकारात्मक परिणाम आए हैं, जिनके धार्मिक सभा में शामिल होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा, मुबारकपुर क्षेत्र को हॉट स्पॉट घोषित कर उसे सील कर दिया गया है। अब तक पुलिस ने शहर की विभिन्न मस्जिदों, मदरसों और घरों में रहने वाले 33 लोगों को पृथक केंद्रों में रखा है।