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अयप्पा ज्योति- सबरीमाला प्रथाओं को बचाने के लिए भक्तों ने बनाई ‘प्रकाश दीवार’

केरल की साम्यवादी सरकार नए वर्ष की शाम को महिला दीवार की तैयारी करते हुए दिख रही है। वहीं बुधवार (26 दिसंबर) को दीपक लिए कासरगोड से तिरुवनंतपुरम तक सड़कों पर लाखों श्रद्धालु मुख्यत: महिलाएँ श्रृंखलाबद्ध रूप से खड़ी रहीं। यह कार्यक्रम सबरीमाला कर्म समिति द्वारा “अयप्पा ज्योति” नाम से आयोजित किया गया था, टाइम्स ऑफ इंडिया  की रिपोर्ट में बताया गया।

देखें जन आंदोलन का वीडियो (साभार मातृभूमि)-

यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित 1 जनवरी 2019 को होने वाले “महिला दीवार” कार्यक्रम के विरुद्ध आयोजित किया हुआ माना जा रहा है। इसमें सबरीमाला मंदिर के रीति-रिवाजों की रक्षा के लिए आवाज़ें मिली। बताया जा रहा है कि यह कदम हिंदू मंदिरों की रीतियों को हानि पहुँचाती साम्यवादी विचारधारा के विरुद्ध श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए उठाया गया है तथा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध वाली सदियों पुरानी परंपरा के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 28 सितंबर को दिए गए निर्णय को लागू करने में दिखाई जा रही शीघ्रता के विरुद्ध में उठाया गया है।

करीब 180 हिंदू संगठनों ने अयप्पा ज्योति कार्यक्रम में हिस्सा लिया जहाँ महिलाओं की संख्या पुरुषों की संख्या से अत्यधिक थी। इस कार्यक्रम में लोग 756 किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग पर एक के बाद हाथों में दीपक लिए खड़े हुए थे। यह शाम को छ: बजे आयोजित किया गया तथा 15 मिनट तक चला। “प्रकाश की दीवार” नामक यह मानव श्रृंखला कासरगोड के एक मंदिर से राज्य की राजधानी तक बनाई गई थी।

इस आयोजन को नायर सर्विस सोसायटी तथा योगक्षेम सभा का सहयोग प्राप्त था जिन्होंने इसमें श्रद्धालुओं की भागीदारी मुख्यत: महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई। रिपोर्ट के अनुसार “अयप्पा ज्योति” हेतु तमिल नाडु में भी 70 स्थानों पर दीपक जलाए गए।

जी सुकुमारन नायर, नायर सर्विस सोसायटी के सचिव जैसे अन्य प्रसिद्ध नेताओं ने अयप्पा ज्योति कार्यक्रम का समर्थन किया, वहीं नायर ने सरकार द्वारा आयोजित होने वाले “महिला दीवार” कर्यक्रम का विरोध करते हुए कम्युनिस्ट सरकार पर हिंदुओं को जातियों में बाँटने का आरोप लगाया। अभिनेता तथा भाजपा सांसद सुरेश गोपी भी तिरुवनन्तपुरम में इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। वहीं पूर्व राज्य पुलिस प्रमुख टीपी सेनाकुमार ने किलिमानूर में हिस्सा लिया। पूर्व केरल लोक सेवा आयोग अध्यक्ष केएस राधाकृष्णन ने अंगमाली में कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

राज्य में भाजपा के अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई ने भाजपा विधायक ओ राजगोपाल के साथ सचिवालय के सामने ज्योति जलाई। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार अयप्पा ज्योति में शामिल लोगों को कण्णूर में हमला भी सहना पड़ा। वहीं भाजपा ने इसका आरोप सीपीएम पर लगाया है।

इस आयोजन में श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी मुख्यत: महिलाओं की भागीदारी से सत्ताधारी एलडीएफ को हिला कर रख दिया है। उल्लेखनीय है कि एलडीएफ कासरगोड से राजधानी तक पुनर्जागरण मूल्यों का समर्थन करते हुए 620 किलोमीटर लंबी महिला दीवार बनाने की योजना बना चुकी थी। इसमें राजकोष से 50 करोड़ रुपए खर्च करने की तथा करीब 30 लाख महिलाओं की भागीदारी की योजना थी।