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आयुष्मान भारत योजना में धोखाधड़ी, 390 अस्पतालों को सूची से बाहर कर हुई कार्रवाई
आईएएनएस - 4th January 2020

आयुष्मान भारत योजना में धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने 390 से अधिक अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है। अलग-अलग राज्यों के इन अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ निलंबित और सूची से बाहर कर दिया गया है।

आयुष्मान भारत में से 171 अस्पतालों को सूची से बाहर किया गया है। उत्तराखंड और झारखंड के छह अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एनएचए ने कहा, “9 राज्यों में जुर्माने की राशि 4.6 करोड़ रुपये से अधिक है।”

लाभार्थी के गलत नामाँकन पर रखी गई नज़र और कॉमन सर्विस सेंटर और प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र (पीएमजेएवाई अस्पताल में तैनात) में 3,785 ग्राम स्तरीय उद्यमियों को अब तक निष्क्रिय कर दिया गया है।

एनएएफयू फॉरेंसिक टीम द्वारा पहचाने जा रहे संदिग्ध मामलों को नियमित रूप से मेडिकल ऑडिट के लिए राज्यों के साथ साझा किया जाता है। अब तक राज्यों के साथ साझा की गईं सक्रिय लेन-देन की संख्या कुल प्रवेश की 0.25 प्रतिशत हैं। इसमें अब तक कुल प्रवेश में 0.07 प्रतिशत की धोखाधड़ी की पुष्टि की गई है। संदिग्ध कार्डों के 0.58 प्रतिशत मामलों को जाँच के लिए राज्यों के पास भेजा गया है।

एनएचए ने कहा, “कुछ पैकेज विशेष रूप से दुरुपयोग वाले हैं, जो राज्य के अधिकारियों द्वारा सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित हैं।” जाँच में पाया गया कि निजी अस्पताल इन सरकारी आरक्षित प्रक्रियाओं का प्रदर्शन कर रहे थे। इनका एक सटीक प्रणाली से पता लगाया गया और कार्रवाई की गई।

गुजरात में अगस्त 2019 में एनएएफयू द्वारा मामलों का पता लगा और उसे गुजरात राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के साथ साझा किया गया था। उसने कार्ड को निष्क्रिय कर दिया और राज्य द्वारा एक प्राथमिकी भी दर्ज करवाई थी। इसी तरह के मामले छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब में सामने आए।