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श्रीराम जन्मभूमि में 500 वर्षों बाद मनेगी दीपावली, श्रद्धालु वर्चुअली जला सकेंगे दीप

अयोध्या में 11 से 13 नवंबर तक दीपोत्सव का विशेष कार्यक्रम होगा। 13 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला के दर्शन के बाद श्रीराम जन्मभूमि परिसर में करीब 500 वर्षों बाद दीप जलाएँगे। वह भगवान की आरती भी उतारेंगे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, रामलला के दरबार में इस बार श्रद्धालु वर्चुअली अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएँगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दीपोत्सव कार्यक्रम में वर्चुअली हिस्सा लेंगे।

प्रदेश सरकार ने एक पोर्टल तैयार कराया है, ताकि श्रद्धालु राम दरबार में आस्था के दीप जलाने से वंचित न रहें। वर्चुअल दीपोत्सव मंच बिल्कुल वास्तविक अनुभव देगा। पोर्टल पर रामलला की तस्वीर होगी। इसके समक्ष वर्चुअल दीप प्रज्जवलन होगा। श्रद्धालु अपने भाव के अनुरूप मिट्टी, तांबे, स्टील व अन्य धातु के दीप स्टैंड का चयन कर सकेंगे।

उस पर घी, सरसों या तिल के तेल का विकल्प भी मौजूद होगा। श्रद्धालु महिला व पुरुष के वर्चुअल हाथ से दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। इसके बाद श्रद्धालु के विवरण के आधार पर श्रीरामलला की तस्वीर के साथ मुख्यमंत्री की ओर से धन्यवाद पत्र जारी होगा।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य बनाने के निर्देश दिए लेकिन साफ कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का तनिक भी उल्लंघन ना किया जाए। प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। जितने भी कार्यक्रम होंगे सभी में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन होगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा, “इस वर्ष एक वास्तविक दिवाली होगी, जो लंबे समय तक निर्वासन के बाद भगवान राम की वापसी का उल्लास मनाएगी।”

अयोध्या में राम की पैड़ी में लगभग 5.51 लाख मिट्टी के दीपक जलाए जाएँगे। श्री राम जन्मभूमि, कनक भवन, राम की पैड़ी, और हनुमान गढ़ी सहित सभी मंदिरों में रोशनी विद्युत सज्जा के माध्यम से होगी।