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अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, “विपक्षी नेताओं को हो रही है पार्टी में घुटन महसूस”

गृह मंत्री अमित शाह ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की वर्षगाँठ पर कांग्रेस में बढ़ रही घुटन पर निशाना साधते हुए कहा, “पार्टी में नेताओं को बोलने की आजादी नहीं है। इस वजह से उनका सांस लेना मुश्किल हो रहा है।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता को बिना सोचे-समझे बर्खास्त कर दिया। इस वजह से विपक्षी दल के नेता घुटन महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने इसके लिए हाल ही में हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक का हवाला दिया, जिसमें कुछ वरिष्ठ और छोटे सदस्यों ने मुद्दे उठाए थे, जिन्हें दबा दिया गया था।

अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, “कांग्रेस में वरिष्ठ और छोटे सदस्यों की बातों को दरकिनार किया जा रहा है।” उन्होंने अखबार का लिंक भी अपने ट्वीट में जोड़ा है, जिसका शीर्षक कांग्रेस ने आलोचनात्मक लेख के बाद संजय झा को पार्टी प्रवक्ता पद से हटा दिया है।

गृह मंत्री ने कहा, “हाल ही में सीडब्ल्यूसी की बैठक में सदस्यों ने कुछ मुद्दों को उठाया पर उन्हें चिल्लाकर दबा दिया गया। सच्चाई यह है कि कांग्रेस में अब लोगों का दम घुट रहा है।” आपातकाल की वर्षगाँठ पर वह बोले, “भारत में लोकतंत्र बहाल हो गया लेकिन कांग्रेस में लोकतंत्र बहाल नहीं हो पाया। एक परिवार के हित पार्टी के हितों और राष्ट्रीय हितों पर हावी थे।”