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मनसुख हिरेन की हत्या का मामला सुलझाने का एटीएस का दावा, दो और आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में एक निलंबित पुलिसकर्मी और सट्टेबाज़ को गिरफ्तार करके गुत्थी सुलझाने का दावा रविवार (21 मार्च) को किया। अपराध में सचिन वाझे की मुख्य भूमिका को भी माना गया।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपियों की न्यायालय में पेशी करवाकर 30 मार्च तक एटीएस की रिमांड में भेज दिया गया है। सट्टेबाज़ नरेश गैर ने वाझे को पाँच सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। वहीं पुलिसकर्मी विनायक शिंदे को 2006 के फर्ज़ी मुठभेड़ मामले में दोषी पाया जा चुका है।

आजीवन कारावास का दंड मिलने के बाद जब शिंदे पिछले वर्ष जेल से निकला तो वाझे के संपर्क में आया और अवैध गतिविधियों में उसकी सहायता करने लगा। मामले में और लोगों के संलिप्त होने की जाँच अभी जारी है। मंगलवार तक मामले की पूरी जानकारी एनआईए को दी जाएगी।