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“तालिबान अलकायदा व अन्य आतंकी संगठनों से अलग हो”- यूएनएससी में बोला भारत

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में शुक्रवार (6 अगस्त) को भारत ने ज़ोर देकर कहा कि तालिबान को अलकायदा व अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ अपने संबंधों में कटौती करनी चाहिए। साथ ही अफगानिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने का भी आह्वान किया।

भारत ने यह भी कहा कि एक सफल शांति प्रक्रिया के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि तालिबान वार्ता में शामिल हो, हिंसा का रास्ता छोड़े और राजनीतिक समाधान तक पहुँचने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हो।

नई दिल्ली ने कहा कि हिंसा के साथ सैन्य खतरे का उपयोग किसी विशेष पक्ष की वार्ता शक्ति को मजबूत करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

अगस्त में यूएनएससी की अध्यक्षता संभालने के बाद भारत ने उन उपायों पर जोर दिया, जो इस क्षेत्र में हिंसा को तेज़ी से समाप्त करने के लिए एक स्थायी और व्यापक युद्धविराम की ओर ले जा सकते हैं।

भारत के संयुक्त राष्ट्र के दूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि नई दिल्ली ने अफगान सरकार और तालिबान के बीच वार्ता में तेजी लाने के लिए अपना समर्थन दिया है।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में तिरुमूर्ति के हवाले से कहा गया , “अफगानिस्तान में किसी भी अवैध शासन को अंतरराष्ट्रीय दाता समुदाय से बहुत आवश्यक मानवीय और विकासात्मक सहायता प्राप्त करना मुश्किल होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र के लिए एक अग्रणी भूमिका का समर्थन करते हैं और महासचिव से स्थायी और टिकाऊ परिणाम खोजने की दिशा में पहल करने का आह्वान करते हैं। हम इन उद्देश्यों की ओर ले जाने वाले वास्तविक राजनीतिक समाधान की दिशा में किसी भी कदम का स्वागत करते हैं।”