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25 प्रतिशत वृद्धि संग खादी ग्रामोद्योग की बिक्री हिंदुस्तान यूनिलीवर से दोगुनी रही

खादी ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की बिक्री में 25 प्रतिशत की वृद्धि देखी है। इस तरह केवीआईसी पिछले वर्ष 75,000 करोड़ रुपये की बिक्री का गवाह बना है।

बिज़नेस इनसाइडर  की रिपोर्ट के अनुसार, मेक इन इंडिया के तहत काम करने वाली केवीआईसी की बिक्री के यह आँकड़े भारत की सबसे बड़ी फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर की बिक्री से दोगुने रहे हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर की बिक्री का आँकड़ा 38,000 करोड़ रुपये रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में खादी और हाथ से बने उत्पादों की मांग में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें पापड़, शहद और सौंदर्य प्रसाधन जैसे घरेलू उत्पादों की भी काफी मांग है। रेमंड, अरविंद मिल्स और आदित्य बिड़ला फैशन जैसे दिग्गजों ने भी केवीआईसी से खादी खरीदना शुरू कर दिया है। इसमें देसी कपड़ा युवा पीढ़ी के बीच खासा पसंदीदा बन रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी खादी को बढ़ावा देने और उसे चित्रित करने में सबसे आगे रहे हैं। उनके प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते ही इसमें तेज़ी आ गई थी। खादी उद्योग ने सितंबर 2014 से सितंबर 2018 के बीच 18 लाख नौकरियाँ दीं और 37.1 प्रतिशत उद्योग में वृद्धि की है। केवीआईसी अब 2020 तक 13.8 लाख अतिरिक्त नौकरियाँ सृजित करने की योजना बना रहा है।