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“असम कच्चा तेल कुछ वर्षों में बांग्लादेश, म्यांमार को भी निर्यात करेगा”- हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार (27 मई) को जानकारी दी कि नुमालीगढ़ रिफाइनरी (एनआरएल), जिसे 1985 के असम समझौते के प्रावधानों के अनुसार शुरू किया गया था, वह ओडिशा से असम में 60 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लाने के अलावा अपनी वर्तमान क्षमता को 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 90 लाख मीट्रिक टन कर देगी।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरएल के बाद ओडिशा के पारादीप से पाइपलाइन के माध्यम से कच्चा तेल लाया जाएगा। उसे असम में परिष्कृत किया जाएगा और फिर तेल बांग्लादेश, म्यांमार और अन्य भारतीय राज्यों को निर्यात किया जाएगा।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पारादीप से प्राप्त कच्चे तेल से असम की तीन रिफाइनरियों बंगाईगाँव, गुवाहाटी और एनआरएल की क्षमता में काफी वृद्धि होगी। पहले असम का कच्चा तेल बरौनी भेजा जाता था लेकिन अब राज्य में 60 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल आएगा।

असम के वित्त मंत्री अजंता नियोग, उद्योग और वाणिज्य मंत्री चंद्र मोहन पटोवरी और असम समझौते के कार्यान्वयन मंत्री अतुल बोरा के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 तक एनआरएल की क्षमता मौजूदा 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 90 लाख मीट्रिक टन कर दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने आवश्यक अनुमति दे दी है।