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असम में अपील के बाद बहिष्कृत लोगों की संख्या 19 से 10 लाख पहुँचेगी- हिमंता बिस्वा

असम के वित्त मंत्री और भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “विदेशी न्यायाधीकरण में अपील करने के बाद राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) से बाहर होने वाले लोगों की संख्या 19 लाख से घटकर 10 लाख के नीचे तक पहुँचेगी।”

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सरमा ने कहा, “यह आँकड़ा ज़रूर नीचे जाएगा। मुझे लगता है कि विदेशी न्यायाधिकरणों में अपील दायर करने के बाद बहिष्कृत होने वालों की संख्या 10 लाख से नीचे होगी।”

भाजपा नेता ने कहा, “जब तक सर्वोच्च न्यायालय न्यायोचित प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हो जाता है, तब तक वो अंतिम एनआरसी नहीं है।” उन्होंने एनआरसी अधिकारियों की दस्तावेज प्रकाशित करने में कथित हड़बड़ी के लिए आलोचना की है।

उन्होंने कहा, “बांग्लादेश के प्रवासियों का 50 से अधिक वर्षों से कोई मुद्दा नहीं है। मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि एनआरसी को प्रकाशित करने की इतनी जल्दबाजी क्यों थी?”

सरमा ने राज्य एनआरसी के समन्वयक प्रतीक हलेजा की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, “प्रतीक हलेजा को चयन की प्रक्रिया का पालन करके एनआरसी अपडेशन प्रक्रिया का प्रमुख बनने के लिए नहीं चुना गया था। ऐसे में हम सभी को एक व्यक्ति पर भरोसा करना था। यहाँ तक कि चुनाव आयोग का भी नेतृत्व एक आदमी नहीं करता है। यह सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की एक खंड पीठ है।”