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असम कांग्रेस ने भाजपा की प्रशंसा पर एआईयूडीएफ से संबंध तोड़ने का निर्णय लिया

असम में कांग्रेस ने सोमवार (30 अगस्त) को अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ) द्वारा भाजपा की लगातार और रहस्यमयी प्रशंसा का हवाला देते हुए घोषणा की कि वह अपने महाजोत गठबंधन सहयोगी से संबंध तोड़ देगी। एआईयूडीएफ के साथ उसने विधानसभा चुनाव से पहले जनवरी 2020 में गठबंधन किया था।

दि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में गुवाहाटी में पार्टी की चार घंटे चली कोर कमेटी की बैठक के बाद यह प्रस्ताव पारित किया गया।

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने जारी बयान में कहा कि यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि एआईयूडीएफ अब महाजोत का गठबंधन सहयोगी नहीं रह सकता है। इसके भाजपा के संबंध में व्यवहार और रवैये ने कांग्रेस के सदस्यों को चकित कर दिया था। अब इस मामले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को एक सूचना भेजी जाएगी। आलाकमान बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट पर निर्णय करेगा।”

इस पर एआईयूडीएफ के अमीनुल इस्लाम ने कहा कि यह कांग्रेस द्वारा बहुत ही अपरिपक्व निर्णय और एक ऐसा कदम है, जो अंततः भाजपा को ही लाभान्वित करेगा। असम में हम छोटे दलों के सहयोग से ही भाजपा को बाहर कर सकते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि केवल एक एआईयूडीएफ नेता ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा की थी लेकिन कम से कम दो कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ चुके हैं। वह इस पर क्या कहना चाहेंगे?

बता दें कि आगामी कुछ माह में कम से कम पाँच निर्वाचन क्षेत्रों (बोडोलैंड में तामूलपुर, गोसाईगाँव और ऊपरी असम में मरियानी, माजुली, थौरा) के लिए उपचुनाव होने हैं।