समाचार
झारखंड के हज़ारीबाग में 900 वर्ष पुराने बौद्ध मठ सहित तारा व बुद्ध की 10 मूर्तियाँ मिलीं 

झारखंड के हज़ारीबाग जिले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने एक 900 वर्ष पुराने बौद्ध मठ का पता लगाया। एएसआई की पटना शाखा को जिला मुख्यालय हज़ारीबाग से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित सीतागढ़ी पहाड़ियों के जुलजुल पहाड़ के पास बुरहानी गाँव में तारा और बुद्ध की दस पत्थर की मूर्तियाँ खुदाई के दौरान मिलीं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एएसआई के अधिकारियों ने कहा कि झारखंड में उन्हें एक मूर्ति मिली है, जो शैव देवता माहेश्वरी की प्रतीत होती है। यह इस क्षेत्र के सांस्कृतिक मेल-जोल का संकेत देती है।

पटना एएसआई की खुदाई शाखा 3 के सहायक पुरातत्वविद नीरज कुमार मिश्रा ने कहा, “दिसंबर 2020 में उन्हें जुलजुल पहाड़ के पूर्वी हिस्से में एक कृषि भूमि के पास तीन कमरों वाला बौद्ध मंदिर मिला था। केंद्रीय मंदिर में तारा की प्रतिमा थी, जबकि दो सहायक तीर्थस्थलों में बुद्ध की प्रतिमा थी।”

उन्होंने कहा, “हमने जुलजुल पहाड़ की तलहटी के पास एक टीले पर ध्यान केंद्रित किया, जहाँ हमें एक बौद्ध मठ के साथ तीर्थ के अवशेष मिले। इसके एक ओर कमरे हैं, एक ओर खुला आँगन है।

नीरज कुमार मिश्रा ने कहा, “हमें वरद मुद्रा में तारा की चार मूर्तियाँ मिलीं, जो वरदान देते हुए हाथ उठाने का संकेत देती दिख रही हैं। वहीं, बुद्ध की छह प्रतिमाएँ भूमिस्पर्श मुद्रा में मिली हैं, जो दाहिने हाथ की पाँच उंगलियाँ दिखाते हुए बुद्ध के ज्ञान के प्रतीक पृथ्वी की ओर संकेत कर रही हैं। इस वजह से यह एक महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि तारा की मूर्तियों का मतलब है कि यह बौद्ध धर्म के वज्रयान संप्रदाय का एक महत्वपूर्ण केंद्र था।