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गहलोत सरकार सरकारी विद्यालयों की पोशाक परिवर्तित करके रोकेगी “भगवाकरण”

अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान के सरकारी विद्यालयों के 80 लाख विद्यार्थियों की पोशाक परिवर्तित करने का निर्णय किया है। वर्तमान में पोशाक में भूरे रंग की पैंट और हल्के भूरे रंग की शर्ट है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पूर्व भाजपा सरकार ने दो दशक के बाद सरकारी विद्यालयों की पोशाक बदली थी। कांग्रेस ने इस कदम पर भगवाकरण का आरोप लगाया था क्योंकि यह आरएसएस की खाकी पोशाक के समान था।

गहलोत सरकार ने नई पोशाक का रंग तय करने के लिए एक विशेष समिति गठित की है। हालाँकि, अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बोझ ना डालने के लिए सरकार सभी छात्रों को नई पोशाक निःशुल्क वितरित करेगी।

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, “विद्यालय की पोशाक का रंग परिवर्तित हो सकता है लेकिन इसका रंग क्या होगा, यह एक विशेष समिति तय करेगी। सभी सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क पोशाकें दी जाएँगी। इसके लिए हम डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में राशि डालने का निर्णय करेंगे या फिर छात्रों को नई पोशाक उपलब्ध करवाएँगे।”

गहलोत सरकार ने गत वर्ष सार्वजनिक विद्यालयों की पोशाक बदलने पर विचार किया था और इसके लिए एक समिति भी बनाई थी। हालाँकि, कोरोना संकट के कारण प्रस्ताव को रोक दिया गया था।