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अशोक गहलोत सरकार ने माना सियासी संकट के बीच टैप किए गए थे नेताओं के फोन

राजस्थान में केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के नेताओं के बीच फोन पर बातचीत के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था। अब आठ महीने बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार ने स्वीकार किया कि राजस्थान पुलिस ने वास्तव में फोन टैप किए थे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फोन के टैप होने की पुष्टि विधानसभा के सदन सत्र 2020 में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर के रूप में हुई। भाजपा विधायक और एक पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने पूछा था, “क्या यह सच है कि विगत दिनों फोन टैपिंग के मामले सामने आए थे। अगर हाँ तो किस कानून के तहत और किसके आदेश पर ये कार्रवाई की गई थी? पूरी जानकारी सदन के पटल पर रखी जाए।”

राजस्थान सरकार की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए जवाब में राज्य सरकार द्वारा विलंबित उत्तर का महत्व पहले के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार के दावे को गलत साबित करता है।

यह गौर किया जाना चाहिए कि जवाब में कहा गया कि सक्षम अधिकारी से अनुमित लेने के बाद ही राजस्थान पुलिस द्वारा उपरोक्त प्रावधान के तहत टेलीफोन टैप किए गए थे। आगे कहा गया, “अवरोधन की समीक्षा राजस्थान के मुख्य सचिव द्वारा की जाती है। नवंबर 2020 तक सभी मामलों की समीक्षा की गई।” हालाँकि, जवाब में उन मोबाइल नंबरों के बारे में नहीं बताया गया, जिनको टैप किया गया था।