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गल्फ से एसीयन देशों तक भारतीय मिसाइलों- ब्रह्मोस और आकाश की बढ़ी मांग

भारत में बनी ब्रह्मोस मिसाइल के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (एसीयन) के देश, दक्षिण अमेरिकी देश चिली और ब्रिक्स के सदस्य दक्षिण अफ्रीका से सरकार के पास प्रस्ताव आ रहे हैं। आपको बता दें कि भारत में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल 300 मिलियन डॉलर में बनी एक कम बजट वाली मिसाइल है जिसमें विश्व के कई देश दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

एसीयन देश भारत निर्मित आकाश एवं ब्रह्मोस मिसाइल के साथ-साथ भारतीय रक्षा और हथियार प्रणाली को खरीदने की मांग कर रहे हैं। 2018 में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले नई दिल्ली में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ: भारत स्मारक सम्मलेन में आए एसीयन के 10 बड़े नेताओं के बीच में आकाश एवं ब्रह्मोस मिसाइल के निर्यात की बातें सबसे अहम रहीं।

खबर है कि बड़े देशों के प्रस्ताव रखने के बाद भी भारत ने इस सौदे को आगे नहीं बढ़ाया, उनका कहना है कि वह चीन का विरोध नहीं करना चाहते हैं क्योंकि चीन पहले ही पाकिस्तान समेत कई देशों के साथ हथियारों का निर्यात करता है।

एसीयन सहित गल्फ के देशों ने भी रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा डिज़ाइन की हुई और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स द्वारा निर्मित आकाश एवं ब्रह्मोस को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। यह मिसाइल 25 किलोमीटर तक की दूरी तय कर दुश्मनों के लड़ाकू विमान, हेलीकाप्टर एवं ड्रोन को नष्ट कर सकती हैं।