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सीएए हिंसा- दिल्ली में करीब 20,000 लोग जाँच के दायरे में, मुजफ्फरनगर में 33 गिरफ्तार

दिल्ली में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में 13 से 20 दिसंबर तक चले उपद्रव की 10 घटनाओं को लेकर 15 से 20 हजार लोगों को जाँच के दायरे में लाया गया है। उधर, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस पर पथराव करने के लिए लोगों को उकसाने और भड़काने के आरोप में 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के आठ थानों में सीएए को लेकर की गई हिंसा में दर्ज 10 मुकदमों में 100 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जाँच के दायरे को बढ़ाते हुए उन्हें भी गिरफ्तार करने की योजना है, जिनकी उपद्रव के दौरान फुटेज सामने आई है।

जाँच एजेंसी का आरोप है कि चिह्नित लोगों ने धारा 149 का उल्लंघन किया है इसलिए गिरफ्तारियाँ की जाएँगी। एसआईटी जाँच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, “पुलिस के पास हर मामले में 100 से ज्यादा वायरल वीडियो हैं।”

वीडियो में नजर आने वाले प्रदर्शनकारियों को चिह्नित कर उनको नोटिस जारी किया जाएगा। कई उपद्रवियों पर हत्या के प्रयास (307) और गैर इरादतन हत्या (308) का मुकदमा भी लगा है। इस वजह से हमलावरों के साथ दिखने वाले आरोपियों पर धारा 149 ही नहीं बल्कि और भी कई संगीन धाराएँ लगाई जा सकती हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरनगर में हिंसा भड़काने के आरोप में 33 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करवाकर उन्हें जेल भेज दिया गया है। इन्हें राज्य सरकार द्वारा गठिन विशेष जाँच दल द्वारा गिरफ्तार किया गया है।