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सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे ने पूर्वी लद्दाख का दौरा करके जवानों से हालात जाने

चीन ने साफ तौर पर गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स में गतिरोध वाले बिंदुओं से अपनी सेना को हटाने से मना करने के कुछ दिनों बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे ने मंगलवार (27 अप्रैल) को पूर्वी लद्दाख का दौरा किया।

जनरल नरवाणे ने क्षेत्र में तैनात सैनिकों से मुलाकात की और पूर्वी लद्दाख में ज़मीनी हालातों के बारे में सारी जानकारियाँ हासिल कीं, जहाँ भारत और चीन मई 2020 से तनावपूर्ण गतिरोध से गुज़र रहे हैं।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में भारतीय सेना की 14 कोर के एक सूत्र के हवाले से बताया गया कि इस महीने की शुरुआत में 11वें दौर की वार्ता हुई, जो करीब 13 घंटे चली थी। इस दौरान चीनी पक्ष गतिरोध को खत्म करने में बिल्कुल भी सकारात्मक और लचीला नहीं नज़र आया था।

भारत और चीन के बीच ज़मीन पर तनाव अधिक गहराता जा रहा है क्योंकि दोनों ओर से बड़ी संख्या में सेना इस क्षेत्र में तैनात की गई हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने मोटराइज्ड इन्फेंट्री डिवीजन, आर्टिलरी ब्रिगेड और एयर-डिफेंस यूनिट्स से एलिमेंट तैनात किए हैं।

इससे पूर्व, भारतीय और चीनी सेना टैंकों के साथ पैंगोंग झील के उत्तरी तट और झील के दक्षिण में चुशूल उप-क्षेत्र में कैलाश रेंज की ऊँचाई से विस्थापित हो गए थे। सैनिकों और भारी हथियारों को दोनों पक्षों द्वारा पीछे के ठिकानों पर वापस ले लिया गया था। यात्रा के दौरान सेना प्रमुख ने सियाचिन ग्लेशियर का भी दौरा किया।