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लद्दाख पहुँचे सेना प्रमुख मनोज मुंकुंद नरवाणे, पैंगोंग समेत अन्य क्षेत्रों की स्थिति जानी

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे लद्दाख पहुँचे। उन्होंने पैंगोंग समेत अन्य जगहों के हालात का जायज़ा लिया। सेना प्रमुख के दो दिवसीय दौरे पर शीर्ष कमांडर क्षेत्र की मौजूदा स्थिति से उन्हें अवगत करवाएँगे।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, जानकारी मिल रही है कि तनाव घटाने के लिए दोनों पक्षों की ओर से बुधवार (2 सितंबर) को हुई वार्ता बेनतीजा रही थी। वार्ता करीब आठ घंटे चली थी। सोमवार और मंगलवार को भी छह घंटे से अधिक समय के लिए वार्ता हुई लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका।

सूत्रों का कहना है कि भारत ने पूर्वी लद्दाख में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कई पर्वत चोटियों और स्थानों पर उपस्थिति बढ़ाकर पिछले कुछ दिनों में रणनीतिक बढ़त हासिल की है। एलएसी के भारतीय सीमा के अंदर पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर भी एहतियाती उपायों के तहत कुछ सैनिकों की तैनाती में बदलाव किए गए हैं। पैंगोंग में दोनों देशों की सेनाएँ आमने-सामने हैं। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

इससे पूर्व, मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्थिति की समीक्षा की थी। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया सहित अन्य शामिल हुए थे।

दो घंटे तक चली बैठक में निर्णय लिया गया कि भारतीय सेना एलएसी समेत सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपना आक्रामक रुख बनाए रखे, ताकि चीनी सैनिक कोई दुस्साहस न कर सकें।