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थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले- “सेना की क्षमता बढ़ाएँगे”

28वें थल सेनाध्यक्ष के रूप में मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण करने वाले मनोज मुकुंद नरवणे ने बुधवार सुबह दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुँचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान थल सेनाध्यक्ष ने कहा, “हम देश पर आँच नहीं आने देंगे। हमारी सेनाएँ किसी भी खतरे से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहेंगी। हम सेना में आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को जारी रखेंगे और उसकी क्षमता के विकास पर जोर देंगे।”

इससे पूर्व, पदभार संभालने के बाद जनरल ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में कहा था, “पड़ोसी देश का यह पैंतरा अधिक दिनों तक नहीं चल सकता है। अगर पाकिस्तान आतंकवाद को नहीं रोकता है तो हम अहतियातन आतंकी अड्डों पर हमला करने का अधिकार रखते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हम हर वक्त तैयार रहेंगे। हम मानवाधिकार को लेकर विशेष तौर पर सम्मान देंगे। मैं ऊपरवाले से प्रार्थना करता हूं कि वह मुझे साहस दें, ताकि मैं अपने कर्तव्यों को ठीक तरह से निभा पाऊं। तीनों सेनाएँ देश की सीमाओं को सुरक्षित रखेंगी।”

बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री की 7वीं बटालियन में कमीशन दिया गया था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र हैं। अपनी 37 वर्षों की सेवा में जनरल ने देश के पूर्वोत्तर हिस्से जम्मू-कश्मीर सहित श्रीलंका में भारतीय शांति सुरक्षा बल के सदस्य के रूप में काम किया है।