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मतदान संबंधी शिकायतों के बाद पश्चिम बंगाल में नियुक्त किए गए विशेष पर्यवेक्षक

पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान करवाने के लिए चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण से आगे के लिए राज्य में एक विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है। डीएनए  की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने 1984 बैच के आईएएस अधिकारी अजय नायक को यह जिम्मेदारी दी है, जो बिहार के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी रह चुके हैं।

पीटीआई  के हवाले से एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अजय नायक बंगाल में चुनाव के अंतिम पांच चरणों की निगरानी करेंगे और नई दिल्ली में चुनाव आयोग को सीधे रिपोर्ट करेंगे।” राज्य के दो संसदीय क्षेत्र कूचबिहार और अलीपुरद्वार में 11 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हुए थे। दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को होना है।

पहले चरण में विपक्षी दलों द्वारा बूथ पर कब्ज़ा और हिंसा की शिकायतें मिलने के बाद दूसरे चरण के मतदान के लिए राज्य के तीन संसदीय क्षेत्रों के 80 प्रतिशत बूथों पर केंद्रीय बलों को तैनात करने का फैसला लिया गया है।

डीएनए  की रिपोर्ट चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से कहती है, “शुरू में दार्जिलिंग, रायगंज और जलपाईगुड़ी निर्वाचन क्षेत्र के 55 प्रतिशत बूथों पर केंद्रीय बलों को तैनात करने का फैसला लिया गया है।” हालांकि, अब उत्तर बंगाल में 80 फीसदी बूथों को कवर करने के लिए जवानों की 194 कंपनियों को लगाने का निर्णय हुआ है।

चुनाव आयोग केंद्रीय बलों की छह कंपनियों को भी तैनात करेगा, जहां ईवीएम रखी जाती हैं। डीएनए की रिपोर्ट कहती है, “राज्य सशस्त्र पुलिस को 20 प्रतिशत बूथों पर लगाया जाएगा। इन बूथों पर सीसीटीवी कैमरे होंगे और इन्हें वेबकास्टिंग और वीडियोग्राफी के जरिए कवर किया जाएगा।?