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आंध्र सरकार का सामान्य से भी निम्न प्रदर्शन, नहीं पूरी हुईं जनता की अपेक्षाएँ

लोकतांत्रिक सुधार संघ द्वारा एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके अनुसार आंध्र प्रदेश में तेलुगु देसम पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल में मतदाताओं की प्राथमिकता के अनुसार बहुत ही ख़राब प्रदर्शन किया है। सरकार ने रोज़गार से लेकर पीने के पानी और खेतों की सुविधा तक किसी भी क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है।

सोमवार (1 अप्रैल) को जारी किए गए एक सर्वेक्षण में रोज़गार, पीने का साफ़ पानी और स्वास्थ्य जांच के लिए अच्छे अस्पताल- ये तीन मतदाताओं की सबसे अहम प्राथमिकताएँ थीं लेकिन चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने इन तीनो क्षेत्रों में सामन्य से भी नीचे स्तर पर काम किया है।

आंध्र प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में सिंचाई के लिए पानी, खेतों में बिजली और बीज एवं खाद्य पदार्थो के लिए सब्सिडी मतदाताओं की ज़रूरतें थीं लेकिन सर्वेक्षण के अनुसार सरकार ने यहाँ भी सामान्य से नीचे स्तर पर काम किया है।

आंध्र सरकार ने सिंचाई के पानी की ज़रूरतों को पूरा करने के कार्य में 5 से 2.13 अंक प्राप्त किए हैं। वहीं खेतों की सब्सिडी में और भी ज़्यादा ख़राब प्रदर्शन करते हुए 5 में से मात्र 1.99 अंक प्राप्त किए हैं। साथ ही इसी प्रकार का प्रदर्शन कर रही सरकार ने खेतों में बिजली के काम में भी मात्र 2.13 अंक प्राप्त किए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रोज़गार में सरकार को 2.08 और ग्रामीण क्षेत्रों में पीने के पानी की सुविधा में 2.12 अंक प्राप्त किए हैं।

यह सर्वेक्षण अक्टूबर 2018 से दिसंबर 2018 के बीच किया गया था। शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की प्राथमिकता रोज़गार, पीने का पानी और प्रदूषण यह तीन समस्याएं थी।  इन पर जानकारी ली तो सर्वेक्षण में सामने आया कि सरकार को रोज़गार में 2.13 अंक प्राप्त हुए हैं वहीं पीने के पानी की सुविधा में 1.91 और प्रदूषण में सुधार के लिए 2.19 अंक प्राप्त हुए हैं जो की सामान्य स्तर से काफी नीचे है। इन समस्याओं के साथ ध्वनि प्रदूषण में 1.96 और ट्रैफिक की समस्याओं में 1.98 अंक प्राप्त हुए हैं।

सर्वेक्षण में सामने आया है कि सरकार ने मतदाताओं की मांगो को नज़रअंदाज़ किया है और राज्य में बेहद ख़राब प्रदर्शन किया है।