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जगनमोहन सरकार का पोलावरम की नई बोली लगाकर 58 करोड़ रुपये बचाने का दावा

आंध्र प्रदेश सरकार का दावा है कि उसने पोलावरम राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना के तहत दिए गए विभिन्न कार्यों की निविदाएँ बदलकर 58 करोड़ रुपये की बचत की है।

लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, पोलावरम के 65 वें पैकेज के अंतर्गत कई कार्य आते हैं। सरकार का दावा है कि परियोजना का काम सबसे कम बोली लगाने वाले को दिया गया है, जिसकी अनुमानित लागत 274 करोड़ रुपये की तुलना में 15.6 प्रतिशत कम (231 करोड़ रुपये) है।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में यह भी कहा गया, “पिछली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सरकार ने समान निर्माण कंपनी को 292 करोड़ रुपये का काम दिया था। एक ही कंपनी ने चंद्रबाबू की सरकार के दौरान 4.8 प्रतिशत से अधिक की निविदा बोली लगाई। वहीं रिवर्स टेंडरिंग प्रक्रिया में सरकार को 58 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि की बचत हुई।

जगनमोहन रेड्डी सरकार ने चंद्रबाबू नायडू सरकार के दौरान कथित भ्रष्टाचार के कारण हुए नुकसान को ठीक करने का दावा किया है। साथ ही परियोजना के तहत बाकी बचे कार्यों के लिए नई सिरे से बोली लगवानी शुरू कर दी है।

हालाँकि, पूर्व मुख्यमंत्री नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री परियोजना के महत्व को लेकर जागरूक नहीं थे। परियोजना में एक संस्था होनी चाहिए। इसके लिए विशेषज्ञता की जरूरत है। यह भारत की एक अनूठी परियोजना है। इस मुख्यमंत्री को चुप रहना चाहिए, अगर उन्हें इस बारे में कुछ नहीं पता है।”