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एएमयू पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष के देश को ‘बर्बाद’ करने वाले वायरल वीडियो पर कार्रवाई नहीं

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में सीएए के खिलाफ चल रहे आंदोलन में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष फैजुल हसन ने देश विरोधी बयान दिया है, जो वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा, “हम उस कौम से हैं, जो अगर बर्बाद करने पर आ गई तो छोड़ेंगे नहीं। किसी भी देश को खत्म कर देंगे।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस बयान को उत्तर प्रदेश पुलिस को भी ट्वीट किया गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह बयान एएमयू में 22 जनवरी की शाम को धरने पर दिया गया था, जो गुरुवार को वायरल हो गया था।

उन्होंने कहा था, “दुनिया में कहीं सब्र देखना है तो भारत के मुसलमानों का देखिए। 1947 से 2020 तक वो सब्र कर रहे हैं कि हिंदुस्तान टूट ना पाए। हमने तय कर लिया है कि अगर सीएए और एनआरसी वापस नहीं होता है तो यह आंदोलन छह दिन, छह माह, छह साल तक चलेगा।

उन्होंने आगे कहा, “अमित शाह ने एक समुदाय से दुश्मनी लेकर पूरे देश को गृह युद्ध में झोंक दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मैं वो हालात कर दूँगा कि सात पुश्तें याद रखेंगी। उनके इस बयान से लोगों में बहुत गुस्सा भर गया है। हमने इस मुल्क को बचाया है। अपने गले को कटवाया है।”

एएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर शाफे किदवई का कहना है, “किसी को भी माहौल खराब करने वाला बयान नहीं देना चाहिए।” अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कहा, “फैजुल हसन जैसे लोगों के बयान से देशभक्त मुस्लिम समुदाय कठघरे में खड़ा होता है। ये अपने राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा करते हैं। वह सोचते हैं कि दूसरे जिन्ना बन जाएँगे पर यह संभव नहीं।”