समाचार
रुपये और भोजन की उपलब्धता के लिए वित्त मंत्री की घोषणाएँ, स्वास्थ्य कर्मियों हेतु बीमा

कोरोनावायरस के संदर्भ में प्रेस वार्ता में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अग्रणी मोर्चे पर काम कर रहे योद्धाओं के लिए बीमा कवर की घोषणा की। इसके तहत प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध रहेगा।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत हर निर्धन परिवार को अगले तीन माहों तक अतिरिक्त 5 किलोग्राम चावल या गेहूँ दिए जाएँगे। वर्तमान में उन्होंने 5 किलोग्राम अन्न दिया जाता है और उसके अलावा यह दिया जाएगा। साथ ही 1 किलोग्राम दाल भी दी जाएगी।

नकद उपलब्धता के लिए सीधे लाभांतरण के विषय में आठ घोषणाएँ की गईं-

  1. किसानों को किसान सम्मान निधि की पहली किश्त के रूप में 2,000 रुपये अप्रैल के पहले सप्ताह में ही दे दिए जाएँगे जिससे 8.69 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे।
  2. मनरेगा में भत्ता बढ़ाने की बात की गई जिससे 5 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे वे प्रति माह 2,000 रुपये अधिक कमा पाएँगे। काम के दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
  3. 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों को 1,000 रुपये दो किश्तों में अगले तीन माहों में दिए जाएँगे। इससे 3 करोड़ लोगों को लाभ पहुँचने की अपेक्षा है।
  4. महिलाओं के जन धन खातों में अगले तीन माहों तक प्रति माह 500 रुपये डाले जाएँगे। इससे लगभग 20.5 करोड़ महलिाएँ लाभान्वित होंगी।
  5. उज्ज्वला योजना के तहत अगले तीन माहों तक मुफ्त में रसोई गैस सिलिंडर दिए जाएँगे। इससे 8 करोड़ से अधिक महिलाएँ लाभ उठा पाएँगी।
  6. 7 करोड़ परिवारों को लाभ पहुँचाने वाले 63 लाख महिला स्वयं-सहायता समूहों को वर्तमान में अभी तक 10 लाख का मुफ्त ऋण मिलता है जिसे दोगुना करके 20 लाख रुपये कर दिया गया है।
  7. भारत सरकार ईपीएफओ कोष में कर्मचारी और कंपनी दोनों की ओर से अगले तीन माहों तक राशि डालेगी। ये उनके लिए है जिन कंपनियों में 100 तक कर्मचारी हैं और 90 प्रतिशत का मासिक वेतन 15,000 रुपये से कम है। दूसरी घोषणा ईपीएफओ नियमों में परिवर्तन की है जिसके तहत वे अपने पीएफ खाते से 75 प्रतिशत या उनके तीन माहों के वेतन में से जो कम हो वह राशि निकाल सकेंगे।
  8. निर्माण क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कोष में 31,000 करोड़ रुपये हैं जिसकी राशि से राज्य सरकारें 3.5 करोड़ कर्मचारियों की सहायता कर सकती है। जिला खनन कोष का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करने की अनुमति राज्य सरकारों को दी गई है।