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अन्ना हजारे ने देवेंद्र फडणवीस से भेंट के बाद वापस ली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक के बाद हाल ही में पारित कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल वापस ले ली।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कैलाश चौधरी ने बताया कि हजारे की ओर से मनोनीत कुछ सदस्यों के साथ एक उच्चस्तरीय समिति उनकी मांगों पर विचार करेगी और 6 महीने में रिपोर्ट पेश करेगी। अन्ना हजारे ने पहले घोषणा की थी कि वह महाराष्ट्र में अपने गाँव रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

उन्होंने कहा था कि किसानों की कठिनाइयों से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से संवाद करने को पाँच बार पत्र लिखा था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने सरकार से एमएस स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए कहा था, जिसमें आरोप लगाया था कि किसानों को उनकी फसलों के लिए पर्याप्त पैसा वापस नहीं मिल रहा है।

चौधरी और फडणवीस के साथ बैठक के बाद अन्ना हजारे ने कहा, “केंद्र सरकार ने मेरी कुछ मांगों पर सहमति जताई है और किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है। मैंने शनिवार से शुरू होने वाले अपने प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय किया है। मैं संबंधित सुधारों के कार्यान्वयन को देखने के लिए केंद्र सरकार पर भरोसा कर सकता हूँ।”

रिपोर्ट में कृषि राज्यमंत्री के हवाले से कहा गया कि हजारे ने हमें यह भी बताया कि कृषि बजट में वृद्धि की जानी चाहिए। मैं आपको बता सकता हूँ कि हमने कृषि बजट में काफी वृद्धि की है। हमने एक उच्चस्तरीय समिति नियुक्त की है, जिसमें नीती अयोग के सदस्य और हजारे द्वारा नामित व्यक्ति शामिल होंगे। यह छह महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।