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आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति मंदिर की 50 संपत्तियों को बेचने का निर्णय वापस लिया

आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के लिए भगवान वेंकटेश्वर के भक्तों द्वारा दान की गई 50 अचल संपत्तियों को नीलाम करने की योजना के बाद काफी हंगामा खड़ा हुआ था। अब राज्य सरकार ने योजना पर रोक लगा दी है और टीटीडी को इस निर्णय की फिर से जाँच करने के निर्देश दिए हैं।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, टीटीडी एक अधिकार प्राप्त इकाई है, जो तिरुमाला के करीब स्थित भगवान वेंकटेश्वर के पहाड़ी मंदिर का प्रशासन संभालती और दान किए गए धन या संपत्तियों की देखरेख करती है। यह ऐसी संपत्तियाँ हैं, जिन्हें राज्य सरकार ने नीलाम करने का मन बनाया था, जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित थीं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनसेना पार्टी, तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी), कांग्रेस और सीपीआई-एम ने राज्य सरकार की योजना का जमकर विरोध किया। इसके बाद राज्य सरकार को योजना को स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा। विपक्ष का कहना था कि इस कदम से उन भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुँचने की आशंका थी, जिन्होंने संपत्ति दान की थी।

राज्य सरकार ने अब टीटीडी को यह जाँचने के लिए निर्देशित किया कि क्या संपत्तियों का उपयोग मंदिरों के निर्माण, धर्म प्रचारक और ऐसी अन्य धार्मिक गतिविधियों में करने के लिए किया जा सकता है।