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ईसाई पादरियों को 5,000 मासिक भत्ता देकर जनता का पैसा बर्बाद कर रहे रेड्डी- भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी सरकार द्वारा ईसाई पादरियों को 5,000 रुपये मासिक भत्ता देने के कदम की घोर निंदा करते हुए इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताया। भाजपा ने दावा किया कि यह निर्णय सिर्फ एक विशेष धर्म के पक्ष में है, जो धार्मिक आधार पर लोगों का ध्रुवीकरण कर सकता है।

टाइम्स नाऊ  की रिपोर्ट के अनुसार, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार द्वारा ईसाई पादरियों को मानदेय राशि देने का आदेश पारित किए जाने के कुछ दिनों बाद भाजपा की राज्य इकाई ने इस निर्णय की आलोचना की।

इस वर्ष की शुरुआत में आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी पार्टी के घोषणा पत्र में जगनमोहन रेड्डी ने ईसाई पादरियों को प्रति माह 5,000 रुपये, इमामों को 15,000 रुपये और मंदिरों के रखरखाव के लिए 35,000 रुपये के साथ मुज्जिन देने का वादा किया था। उन्होंने अपने सभी वादों को पूरा करने के लिए मार्च 2020 तक की समयसीमा तय की थी।

आंध्र प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने पहले ही सभी जिला न्यायाधीशों (डीएम) को परिपत्र जारी कर निर्देश दिया कि वे ग्राम स्वयंसेवकों की मदद से पादरी खोजने के लिए सर्वेक्षण करें और 15 दिनों में सरकार को रिपोर्ट भेजें। आंध्र प्रदेश भाजपा ने सरकार पर राज्य की जनता का धन बर्बाद करने का आरोप लगाया है। साथ ही इस निर्णय को घृणित करार दिया है।