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अलीगढ़ विश्वविद्यालय में तुर्की के प्रोफेसर के वक्तव्य के विरोध में भाजपा की शिकायत
आईएएनएस - 19th August 2020

भाजपा की अलीगढ़ इकाई ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विश्वविद्यालय ने हाल ही में खिलाफत आंदोलन पर चर्चा करने के लिए एक वेबिनार किया था। इसको लेकर शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की गई। उनका आरोप है कि एएमयू देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है।

रिपोर्टों के अनुसार, वेबिनार 13 अगस्त को था, जिसमें एक तुर्की प्रोफेसर चर्चा के लिए शामिल हुए थे। इसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति ने की। उसके मुख्य वक्ता एच हिलाल साहिन नामक एक तुर्की प्रोफेसर थे।

खिलाफत आंदोलन मुस्लिमों द्वारा ब्रिटिश सरकार को प्रभावित करने और प्रथम विश्व युद्ध में तुर्की की हार के बाद तुर्क खलीफा की रक्षा के लिए शुरू किया गया एक विरोध अभियान था। इसे महात्मा गांधी का भी समर्थन था।

भाजपा के पूर्व मीडिया प्रवक्ता निशित शर्मा ने कहा, “वीसी और आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वेबिनार का एक जाँच समिति द्वारा परीक्षण किया जाए क्योंकि यह मामला आंतरिक सुरक्षा से संबंधित है। एएमयू ने साहिन को खिलाफत आंदोलन पर विचार व्यक्त करने को यह जानने के बाद बुलाया कि तुर्की पाकिस्तान का समर्थन करता है और हर फैसले में भारत का विरोध करता है।”

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष गौरव शर्मा ने यह दावा किया कि खिलाफत आंदोलन देश के विभाजन और दुनियाभर में नरसंहार के लिए ज़िम्मेदार था। उन्होंने कहा, “कुछ नेटवर्क हैं, जो इस आंदोलन को पुनर्जीवित करने के लिए काम कर रहे हैं। एएमयू में वेबिनार करके खिलाफत आंदोलन 2.0 की तैयारी की जा रही है।”

एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने कहा, “तुर्की के प्रोफेसर एक वक्ता थे क्योंकि वह खिलाफत आंदोलन के विशेषज्ञ हैं। यह विशुद्ध रूप से एक अकादमिक कार्यक्रम था। इसमें कोई राजनीति नहीं थी। हम यूजीसी और एमओई को वेबिनार की कार्यवाही भेजेंगे, जो सामान्य प्रक्रिया है।”