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अमित शाह बोले, ‘सीआरपीएफ जवान न होते तो मैं पश्चिम बंगाल से जिंदा नहीं लौटता’

कोलकाता में भाजपा के रोड शो के दौरान हुई हिंसा और बवाल के बारे में अमित शाह ने बुधवार को कहा, “अगर सीआरपीएफ जवान न होते तो मेरा वहाँ से जिंदा निकलना मुश्किल था। इससे साबित होता है कि तृणमूल कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है।”

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष ने हिंसा और बवाल के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, “मैं सौभाग्यशाली था कि वहाँ सीआरपीएफ की सुरक्षा मौजूद थी। रोड शो में दो से ढाई लाख लोग भाजपा को समर्थन देने आए थे। मुझ पर एक नहीं तीन बार आगजनी, पथराव और केरोसीन बम से हमला किया गया। मैं तस्वीरों से इसे साबित कर सकता हूँ।”

ममता बनर्जी सरकार को घेरते हुए अमित शाह ने कहा, “पश्चिम बंगाल में छह के छह चरणों में हिंसा हुई है। इससे साबित होता है कि इसकी वजह तृणमूल कांग्रेस ही है। भाजपा के रोड शो से पहले पोस्टर बैनर हटा दिए गए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं को उकसाया जा रहा था पर पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बंगाल में अब ममता के दिन पूरे हो गए हैं। इस बार भाजपा वहाँ क्लीन स्वीप करेगी।”

चुनाव आयोग को घेरते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, “इतना सब देखने के बाद भी चुनाव आयोग चुप है। उसे तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। बंगाल में चुनाव के दौरान अपराधियों को छोड़ दिया जाता है। बाकी राज्यों में चुनाव के दौरान अपराधियों को बंद किया जाता है। जब तक गुंडों को पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक निष्पक्ष चुनाव नहीं हो पाएँगे।”

कोलकाता में मंगलवार को अमित शाह के रोड शो के दौरान पथराव, आगजनी हुई। जिस वाहन पर अमित शाह सवार थे, उस पर भी हमला हुआ। इस दौरान विद्यासागर कॉलेज में लगी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी गई। हिंसा के मामले में पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था।