समाचार
कोविड-19 पर सर्वदलीय बैठक में सीसीटीवी कैमरे लगाने, खर्च कम करने जैसे अन्य निर्णय

दिल्ली में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (15 जून) को सर्वदलीय बैठक की। इसमें आप, कांग्रेस, भाजपा और बसपा नेता शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कोविड-19 टेस्ट का खर्च 50 प्रतिशत कम किए जाने के प्रस्ताव को अनुमति दी और कहा कि एक कमिटी इसपर दो दिन में गृह मंत्रालय को रिपोर्ट दे।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिए कि कोविड-19 वॉर्ड में सीसीटीवी लगाएँ, ताकि मरीजों की परेशानी का पता चल सके। कैंटीन का बैकअप रखा जाए, चिकित्सकों और नर्सों की काउंसलिंग की जाए।

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी की हर व्यक्ति के परीक्षण की मांग को गृह मंत्री ने मान लिया है। अमित शाह ने कहा, “नई योजना में हर आदमी को परीक्षण का हक मिलेगा। दिल्ली सरकार 20 जून तक प्रतिदिन 18,000 कोविड-19 टेस्ट शुरू कर देगी। वर्तमान में 5-7,000 टेस्ट रोजाना हो रहे हैं।”

अमित शाह ने लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) जाकर वहाँ की तैयारियों का भी जायज़ा लिया। इससे पूर्व, गृह मंत्री ने रविवार सुबह दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ करीब डेढ़ घंटे चर्चा की थी। शाम को उन्होंने सभी मेयर के साथ रणनीति बनाई।

अमित शाह और अरविंद केजरीवाल की बैठक में कुछ फैसले भी हुए। इसमें निजी अस्पताल मरीजों को रिजर्व बेड में से 60 प्रतिशत बेड कम रेट पर उपलब्ध करवाएँ। केंद्र के पाँच वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली सरकार में तैनात किए जाएँगे। कंटेनमेंट जोन में संक्रमण का पता लगाने के लिए घर-घर में जाँच होगी। दो दिन में कोरोना टेस्ट दोगुना और छह दिन में तीन गुने किए जाएँगे। कोरोना परीक्षण का रेट दोबारा निर्धारित होंगे। इसके लिए बनाई गई कमिटी को रिपोर्ट देनी है।