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“अमेरिका से कच्चे तेल का आयात दोगुना करने की कोशिश में लगा है भारत”- रिपोर्ट्स

अस्थिर पश्चिम एशिया क्षेत्र पर निर्भरता कम करने के लिए भारत अमेरिका से कच्चे तेल के आयात को दोगुना करने की योजना बना रहा है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसकी जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया, “2017-18 में शुरू हुई अमेरिका से भारत की तेल खरीद पहले ही साल में लगभग 6 मिलियन टन पार कर चुकी है। भारत, अमेरिका के अलावा, रूस और अफ्रीका के अन्य तेल उत्पादक देशों से दीर्घकालिक तेल आपूर्ति अनुबंध करना चाहता है।”

रिपोर्ट में तीन अधिकारियों के हवाले से कहा गया, “हम अमेरिका से कच्चे तेल के आयात को आसानी से दोगुना कर 12 मिलियन टन कर सकते हैं। अमेरिकी सरकार और निजी तेल कंपनियों से बातचीत हो रही है। हम अमेरिकी फर्मों से अच्छी दरों और बेहतर शर्तों की उम्मीद करते हैं, जो हमारी परिवहन लागतों की भरपाई करेंगे। इसके बदले हम उन्हें एक सुनिश्चित बाजार की पेशकश कर सकते हैं।”

रिपोर्ट में तीन पश्चिम एशियाई देश इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने 111.9 बिलियन डॉलर के कुल 226.5 मिलियन टन तेल की लगभग 51 प्रतिशत आपूर्ति भारत को 2018-19 में की। हाल के वर्षों में भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों के सुरक्षित, स्थिर और अनुमानित आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए विविधता लाने की कोशिश की है।

इससे पूर्व, शुक्रवार (10 जनवरी) को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अंतर-राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की एक रिपोर्ट लॉन्च कर कहा था, “चूँकि घरेलू जरूरतों के मुकाबले भारत के तेल भंडार सीमित हैं इसलिए भारत की आयात निर्भरता काफी बढ़ने वाली है। हम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा पर इसके प्रभाव की पृष्ठभूमि में मिल रहे हैं।”