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44 वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन प्रणाली की आपूर्ति को बोली से बाहर होगी चीनी कंपनी

भारतीय रेलवे की 44 सेमी-हाई स्पीड ट्रेन-18 (वंदे भारत एक्सप्रेस) की संचालन प्रणाली की आपूर्ति के लिए सरकार की गुरुग्राम स्थित कंपनी और चीन की राज्य समर्थित सीआरआरसी योंगजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को परियोजना के लिए बोली लगाने की संभावनाओं से बाहर करने की योजना है।

रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा पिछले वर्ष दिसंबर में लगभग 1,500 करोड़ रुपये का टेंडर मंगवाया गया था और शुक्रवार (10 जुलाई) को खोला गया था।

कुल छह कंपनियों ने निविदा के लिए बोलियाँ लगाई हैं, जिनमें से अन्य पाँच घरेलू कंपनियाँ हैं। इनमें भेल, हैदराबाद स्थित मेधा समूह, परवाणू स्थित इलेक्ट्रोवेस इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड, संगरूर स्थित भारत इंडस्ट्रीज और नवी मुंबई स्थित पॉवरनेटिक्स इक्विप्मेंट्स लिमिटेड शामिल हैं।

गौर करने वाली बात है कि यह एक वैश्विक निविदा होने के बावजूद इसमें कोई भी प्रमुख वैश्विक कंपनी नहीं है। दो जो प्रमुख कंपनियाँ हैं, उनकी भारत में अपनी उत्पादन सुविधाएँ हैं और उन्होंने निविदा में भाग नहीं लिया है। इन फर्मों में बॉम्बार्डियर और एल्सटॉम शामिल हैं।

वर्तमान में दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन-18 दिल्ली-वाराणसी और दिल्ली कटरा रेल मार्ग पर चल रही हैं। दोनों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा किया गया है।