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सेनिटाइज़र बनाने के लिए केंद्र सरकार का अतिरिक्त चावल से इथेनॉल बनाने का निर्णय

केंद्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास रखे चावल के अतिरिक्त स्टॉक को इथेनॉल में तब्दील करने का निर्णय लिया है, ताकि इसके उपयोग से एल्कोहल आधारित हैंड सेनिटाइज़र बनाया जा सके।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय सोमवार (20 अप्रैल) को राष्ट्रीय जैव ईंधन समन्वय समिति (एनबीसीसी) की बैठक में लिया गया। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की।

एल्कोहल आधारित सेनिटाइज़र बनाने के लिए अतिरिक्त चावल से इथेनॉल बनाने के अलावा यह भी निर्णय लिया गया था कि सरकार के एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम में भी इस समिश्रण का उपयोग किया जाए।

यह निर्णय जैव ईंधन 2018 की राष्ट्रीय नीति के तहत लिया गया है, जो एक वर्ष के दौरान खाद्यान्न की अतिरिक्त मात्रा को इथेनॉल में तब्दील करने की अनुमति देता है। ऐसा कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा अधिक आपूर्ति के अनुमान के बाद किया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च तक एफसीआई के पास लगभग 77.6 मिलियन टन (एमटी) चावल का भण्डार था, जो कि एक अप्रैल के लिए आवश्यक 21.04 मीट्रिक टन के न्यूनतम परिचालन बफर-कम-रणनीतिक स्टॉक का 3.5 गुना था।