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केंद्र ने मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया

सभी ज़रूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नोवल कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी का इलाज करने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार (25 मार्च) को मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्लोरक्लोरोक्वीन के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) जो वाणिज्य मंत्रालय का हिस्सा है और आयात व निर्यात संबंधित मामलों से संबंधित है ने बुधवार को जारी एक अधिसूचना में कहा, “हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन का निर्यात और हाइड्रॉक्सीसाइक्वाइन से तैयार दवा को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।”

हालाँकि, मामले को देखते हुए केंद्रीय विदेश मंत्रालय मानवीय आधार पर दवा के निर्यात की सिफारिश कर सकता है। मलेरिया-रोधी दवा के निर्यात पर प्रतिबंध भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक (डीजी) ने सोमवार को लगाया था। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा वायरस के संदिग्ध के इलाज के लिए दवा के उपयोग की सिफारिश की गई थी।

फिर भी आपातकालीन स्थितियों में प्रतिबंधित तरीके से दवा के उपयोग की अनुमति दी गई है। यह ध्यान देने वाली बात है कि भारत ने पहले से ही सैनेटाइजर, सर्जिकल मास्क और वेंटिलेटर के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।