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मनोहर पर्रिकर द्वारा गोद लिए गए अमेठी के गाँव चाहते हैं निर्मित हो उनकी मूर्ति

अमेठी में स्थित दो गाँव बरौलिआ और हरिहरपुर के निवासियों ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के लिए सद्भावना दिखाते हुए उनकी मूर्ती बनवाने का निर्णय लिया है। बता दें कि मनोहर पर्रिकर ने 2015 में बरौलिआ और 2017 में हरिहरपुर गाँव को गोद लिया था जिसके बाद उन्होंने गाँव के विकास के लिए कई काम करवाए।

मनोहर पर्रिकर द्वारा इन दो गाँवों को गोद लेने के बाद गाँव में नई सड़कें, स्कूल, सौर्य लाइटें और कौशल योजना कैंप के साथ-साथ गाँव की खूबसूरती का भी काम किया गया। साथ ही मनोहर पर्रिकर जी नियम से गांवों के साथ संपर्क में रहा  करते थे और गाँव में सुधार लाने के सुझावों के लिए वह लोगों को दिल्ली भी बुलाया करते थे।

मनोहर पर्रिकर की मृत्यु के बाद उनके द्वारा गोद लिए हुए गाँवों के निवासियों ने फैसला लिया है कि वह केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मनोहर पर्रिकर की मूर्ती बनाने की चर्चा करेंगे। हालांकि निवासियों का यह भी कहना है कि अगर उन्हें मूर्ती बनाने के लिए सरकार की तरफ से पूँजी नहीं मिली तो वह गांव के निवासियों से चंदा इकठ्ठा कर पर्रिकर जी की मोररटी को बनाएंगे।

2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान मनोहर पर्रिकर हरिहरपुर में चुनाव प्रचार करने गए थे जहाँ वह लोगों से भी मिले थे। हिंदुस्तान टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार गाँव के एक निवासी ने बताया कि पर्रिकर जी के हरिहरपुर  दौरे में उसने गाँव के परिवारों के साथ पर्रिकर जी की  बैठक को आयोजित किया था लेकिन उसके दो साल बाद भी पर्रिकर जी ने उस  व्यक्ति को न सिर्फ याद रखा बल्कि उसे गाँव के बारे में बात करने के लिए दिल्ली भी बुलाया। मनोहर पर्रिकर जी के निधन के बाद गाँव के लोगों बेहद दुखी हैं और शोक में डूबे हुए हैं।

भाजपा के नेता उमा शंकर पांडेय ने बताया कि पर्रिकर जी ने रक्षा मंत्री के कार्यकाल के दौरान जमा किए सीएसआर फण्ड की मदद से गाँव  काम करवाया था। उनका कहना है कि पर्रिकर जी बहुत ही साधारण नेता थे।