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अमेरिका ने नेपाल को इंडियन मुजाहिदीन का बड़ा अड्डा बताया, खुली सीमा है समस्या

अमेरिकी राज्य विभाग की 2018 की आतंकवाद पर अमेरिकी रिपोर्ट अक्टूबर माह के अंत में सामने आई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार,”नेपाल इंडियन मुजाहिदीन का एक बड़ा केंद्र बन गया है।”

इस रिपोर्ट ने अंकित किया कि इंडियन मुजाहिदीन को अमेरिका ने साल 2011 में विदेशी अतंकवादी संगठन करार दिया था।
इसके आगे रिपोर्ट में लिखा है, “भारत में 2005 के बाद से हुए दर्जनों बम धमाकों के लिए इंडियन मुजाहिदीन ज़िम्मेदार है जिसमें सैकड़ों मासूमों को जान गवानी पड़ी थी।”

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, “इंडियन मुजाहिदीन के लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हरकत-उल-जिहाद-इस्लामी जैसे अतंकवादी संगठनों से भी संबंध हैं।”

“इंडियन मुजाहिदीन ने अपना कार्यक्षेत्र बढ़ाकर नेपाल तक फैला दिया है और अब नेपाल इंडियन मुजाहिदीन की गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन चुका है।”, रिपोर्ट के पाँचवे भाग में बताया गया।

रिपोर्ट के भाग एक में नेपाल क्यों इंडियन मुजाहिद्दीन का बड़ा केंद्र बन गया यह बताते हुए कहा गया, “क्योंकि नेपाल-भारत सीमा एक खुली सीमा है और क्योंकि काठमांडू हवाई अड्डे पर सुरक्षा संलेख की कमी है इस वजह से नेपाल लगातार अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों का मंचन केंद्र बना हुआ है।”

त्रिभुवन अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर “कमज़ोर और कम” सुरक्षा नियंत्रण इंतजामों को रिपोर्ट में चिह्नित किया गया है और कुछ बेहद ही अचंभित करने वाली बातें भी कही गई हैं।

त्रिभुवन हवाई अड्डे पर यात्रियों की जानकारी को किसी भी सुरक्षित जगह नहीं रखा जाता है। यात्रा दस्तावेज सुरक्षा और आधुनिक उपकरणों से दस्तावेजों को सत्यापित करने के उपकरण भी नहीं हैं।

अमेरिकी राज्य विभाग की इस रिपोर्ट में 1,758 किलोमीटर लंबे भारत-नेपाल सीमा द्वारा आसानी से घुस सकने पर भी चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट की मानें तो सीमा पर मौजूद चेक नाकों पर विरले ही जाँच होती है और इस वजह से इन जगहों को पार करना बेहद आसान है।