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चुनावों का संबंधों पर असर नहीं क्योंकि भारत बिना चुनौतियों से लड़ना मुश्किल- अमेरिका

अमेरिका ने कहा, “हम अकेले वैश्विक चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते हैं। उसके लिए भारत का साथ बहुत आवश्यक है। दोनों संयुक्त रूप से एक मजबूत और सुरक्षित राष्ट्र हैं। वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों साथ में काम कर रहे हैं। खासकर, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभुत्‍व को कम करने के लिए।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस ने कहा, “अमेरिका में चाहे जो भी राष्ट्रपति बने, उसके लिए भारत का साथ बेहद ज़रूरी है। दुनिया लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष कर रही है।”

उन्होंने कहा, “अमेरिका और भारत के संबंध पहले से और ज्‍यादा मज़बूत हुए हैं और भविष्‍य में अधिक मजबूत होंगे। संबंधों की मधुरता के पीछे किसी राजनीतिक दलों या व्‍यक्ति व‍िशेष का हाथ नहीं है। यह किसी भी प्रशासन के लिए जरूरी होगा।”

मॉर्गन ऑर्टागस ने राष्ट्रपति चुनाव की बात करते हुए कहा, “3 नवंबर को होने वाले चुनाव में चाहे डेमोक्रेटिक की जीत हो या रिपब्लिकन पार्टी की, उसको भारत से मधुर संबंध बनाए रखने होंगे। इसके पीछे धारणा है कि अमेरिकी लोग जानते हैं कि दोनों देश मिलकर काफी मजबूत स्थिति में हैं। दोनों एक साथ ज्‍यादा सुरक्षित हैं। दोनों हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आखिर में कहा, “जानते हैं कि आगामी 10 वर्षों में वैश्विक चुनौतियाँ और जटिल होंगी। अमेरिका और भारत दोनों समान चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिका इसका अकेले सामना नहीं कर सकता है। हमें अपने सहयोगियों के साथ काम करना होगा। भारत के साथ हमारी वैश्विक साझेदारी भी बड़ी होने जा रही है।”