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अमेरिका व चीन के बीच अलास्का में हुई पहली प्रत्यक्ष बैठक में ही भिड़ गए दोनों देश

संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) और चीन के बीच गुरुवार (19 मार्च) को अलास्का के एंकोरेज में तनातनी वाली बैठक हुई। इस दौरान दुनिया के दो शक्तिशाली देशों के अधिकारियों के बीच पहली बार हुई आमने-सामने की बैठक में तीखी नोक-झोंक देखने को मिली।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने बयान में कहा, “हमारा इरादा कानून आधारित व्‍यवस्‍था की रक्षा करना है, जो वैश्विक स्थिरता को बनाती है। इसके बिना दुनिया और ज्‍यादा हिंसक हो जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा, “शिनजियांग, हॉन्‍ग-कॉन्‍ग और ताइवान जैसी जगहों पर चीनी गतिविधियाँ सक्रिय हैं। साथ ही यूएस पर उसके साइबर हमले और अमेरिकी सहयोगियों पर आर्थिक दबाव जैसी गतिविधियाँ वैश्विक स्थिरता बनाए रखने वाले नियम आधारित आदेशों के खिलाफ और धमकाने वाले हैं। इसी वजह से ये केवल उसके आंतरिक मामले नहीं है। हम इन मुद्दों को उठाने का दायित्व इसीलिए ज़रूरी मानते हैं।”

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इसके जवाब में चीन के शीर्ष राजनयिक यांग जियेची ने चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के खिलाफ अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अमेरिका साइबर हमलों का विजेता रहा है। अपने यहाँ उसने खुद घरेलू स्थिरता का मज़ाक उड़ाया है और अमेरिका के मानवाधिकारों को खुद उसने चुनौती दी है।”