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अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू होगी और 3 अगस्त को खत्म, 55 से कम उम्रवाले वर्जित

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर में हिमालय की गुफा वाले मंदिर में 21 जुलाई से शुरू होकर 3 अगस्त को समाप्त होगी। यह कहना श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों का है, जो अनंतनाग में स्थित मंदिर में श्रद्धालुओं की यात्रा का प्रबंध करते हैं।

अमरनाथ यात्रा के लिए पहली पूजा शुक्रवार (5 जून) को जम्मू में हुई थी। कोरोनावायरस महामारी के कारण इस बार यात्रा की अवधि में कटौती की गई है। साधुओं को छोड़कर 55 वर्ष से कम उम्र के तीर्थयात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

यात्रा करने वाले सभी लोगों के पास कोविड-19 नकारात्मक प्रमाणपत्र होने चाहिए। एसएएसबी के एक अधिकारी ने कहा, “तीर्थयात्रियों का परीक्षण भी किया जाएगा, ताकि उनको जम्मू-कश्मीर में प्रवेश पर यात्रा शुरू करने की अनुमति दी जा सके।”

साधुओं को छोड़कर सभी तीर्थयात्रियों को यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। यह भी तय किया गया कि 15 दिनों के दौरान सुबह और शाम मंदिर में की जाने वाली आरती का देश भर के भक्तों के लिए सीधा प्रसारण किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय मजदूरों की गैरमौजूदगी और बेस कैंप से मंदिर तक रास्ता बनाने में दिक्कतें आई हैं। इस वजह से 2020 की यात्रा गांदरबल जिले में बालटाल बेस कैंप से मंदिर तक हेलीकॉप्टरों का उपयोग करके की जाएगी।

अमरनाथ यात्रा इस वर्ष सिर्फ केवल उत्तरी कश्मीर बालटाल मार्ग से होकर निकलेगी। अधिकारियों ने कहा, “किसी भी तीर्थयात्री को पहलगाम मार्ग के माध्यम से इस वर्ष की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” अमरनाथ यात्रा का समापन 3 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर होगा, जो रक्षाबंधन त्योहार के साथ मेल खाता है।