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हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह में प्रवेश की माँग पहुँची दिल्ली उच्च न्यायालय में

हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह के पवित्र स्थान के भीतर महिलाओं के जाने की अनुमति के लिए राजधानी दिल्ली में कानून के विद्यार्थियों ने उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है।

दरगाह के बाहर एक बोर्ड है जो यह कहता है कि महिलाओं का पवित्र स्थान के भीतर प्रवेश निषेध है। उच्च न्यायालय द्वारा इस जनहित याचिका की सुनवाई संभवतः अगले सप्ताह होगी। संबंधित प्राधिकारियों और दिल्ली पुलिस की ओर से कोई समर्थन न मिलने पर छात्राओं को न्यायालय की ओर रुख करना पड़ा।

अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्रा, जो छात्राओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ने केंद्र, दिल्ली सरकार, तीर्थस्थल ट्रस्ट और दिल्ली पुलिस से महिलाओं के प्रवेश को लेकर निर्देश जारी करने की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध असंवैधानिक है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जब महिलाओं को सबरीमाला में प्रवेश की अनुमति है तो उन्हें दरगाह में प्रवेश करने क्यों नहीं दिया जाता, वो भी राष्ट्रीय राजधानी में।

निज़ामुद्दीन दरगाह के अलावा भी कई स्थान हैं जहाँ महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित है। द इंडियन एक्सप्रेस  ने याचिका के कुछ अंश को उल्लेखित किया है, “निज़ामुद्दीन दरगाह की प्रकृति एक सार्वजनिक स्थल की है और लिंग आधारित प्रवेश निषेध भारतीय संविधान के विरुद्ध है।”