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दिल्ली अग्निकांड- सभी विभागों को पता था कि रिहायशी भवन में था व्यावसायिक कारखाना

दिल्ली के अनाज मंडी स्थित मकान में चल रहे अवैध कारखाने में हुए अग्निकांड में करीब 43 लोगों की मौत हो गई। अब यह जानकारी मिली है कि वहां बिजली विभाग का व्यावसायिक मीटर लगा था। इसी के आधार पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) व्यावसायिक आधार पर कर ले रही थी।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इससे साफ होता है कि सभी विभागों को इसकी जानकारी थी कि रिहायशी मकान में व्यावसायिक गतिविधियाँ चल रही हैं। हादसे पर बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस का कहना है, “आग शॉर्ट सर्किट से आग नहीं लगी है।”

बीएसईएस अधिकारियों का कहना है, “आग की सूचना मिलते ही पावर सप्लाई बंद कर दी गई थी। मौके पर बिजली विभाग की एक टीम भेजी गई थी। शॉर्ट सर्किट से अगर आग लगती तो बिजली मीटर सुरक्षित नहीं रहते। बिल्डिंग के बाहर गुजर रहे बिजली के तार भी सुरक्षित हैं। बिजली वितरण कंपनी किसी को मीटर कनेक्शन लेने से रोक नहीं सकती है। कनेक्शन लेते समय मकान का मालिकाना हक किसके पास है, यह देखा जाता है और इस आधार पर कनेक्शन दिया जाता है।

बता दें कि अनाज मंडी के रिहायशी इलाके की चार मंजिला इमारत में रविवार तड़के 5.22 बजे आग लग गई थी। उस वक्त कारखाने में 59 लोग सो रहे थे। इनमें से 43 की मौत हो गई। इनमें 25 की शिनाख्त हो गई, जिनमें 25 बिहार के हैं। दिल्ली पुलिस ने अग्निकांड मामले में कारखाना मालिक रेहान और मैनेजर फुरकान को गिरफ्तार कर लिया है। इनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर 10 साल जेल की सजा हो सकती है।