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“अखिलेश यादव मुस्लिम-विरोधी, मुलायम भाजपा एजेंट”- मायावती, अकेले लड़ेंगी चुनाव

2019 के आम चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने खुलेतौर पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर मुस्लिम विरोधी और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के भाजपा एजेंट होने का आरोप लगाया है।

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, मायावती ने कहा, “अखिलेश यादव ने उन्हें धार्मिक ध्रुवीकरण से बचने के लिए मुसलमानों को टिकट न देने को कहा था।”

अब वह यह भी कहने लगी हैं कि सपा-बसपा का गठबंधन, जो एक अंतराल में था, अब वो टूट चुका है। मायावती ने एक ट्वीट के जरिए भविष्य के सभी छोटे-बड़े चुनावों में अकेले खड़े होने का फैसला किया है।

मायावती ने ट्वीट किया, “लोकसभा चुनाव के बाद सपा का व्यवहार बसपा को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करके भाजपा को आगे हरा पाना संभव होगा? जो संभव नहीं है। अतः पार्टी के हित में अब बसपा आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले अपने दम पर ही लड़ेगी।”

एक बैठक में मायावती ने कहा, “मैंने उनकी बात नहीं सुनी, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। उस वक्त गैर-यादव और दलितों के साथ अन्याय हुआ था। यही वजह है कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया। सपा ने दलितों की पदोन्नति के खिलाफ भी विरोध किया था।”

बसपा अध्यक्ष ने कहा, “मैंने मतगणना के दिन अखिलेश को फोन किया था लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया था। मैंने दिल्ली की बैठक में गठबंधन तोड़ने और अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही, तब अखिलेश ने सतीश चंद्र मिश्र को फोन किया लेकिन तब भी मुझसे बात नहीं की।