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अजित पवार को शक्ति परीक्षण के बाद बनाया जाएगा महाराष्ट्र का उप-मुख्यमंत्री

महाराष्ट्र में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने के बाद उप-मुख्यमंत्री पद को लेकर अनिश्चितता बरकरार थी। इस पद के लिए अजित पवार को मुख्य दावेदार माना जा रहा था। हालाँकि, उन्होंने कहा था कि वह इस पद की शपथ नहीं ले रहे हैं, जिसके बाद अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। फिर भी गुरुवार को स्पष्ट कर दिया गया कि शक्ति परीक्षण के बाद उन्हें ही उप-मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एनसीपी के एक नेता ने बताया, “अजित पवार से सुबह-सुबह संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर सकते हैं। बाद में पवार ने कहा था कि वह मंत्रिमंडल के गठन पर नाराज नहीं थे। वह केवल उस दिन शपथ नहीं ले रहे थे।”

एनसीपी के नेता ने कहा, “यह एक तथ्य है कि मूल रूप से अजीत को उप-मुख्यमंत्री के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था। बाद में यह महसूस किया गया कि उन्हें मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल किया जाना चाहिए। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पूर्व में जो कुछ भी हुआ है, उसे भूलकर अजीत को नए मंत्रिमंडल का हिस्सा होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “उद्धव के हाथों प्रशासनिक अनुभव में कमी अजित पवार के लिए अपनी छाप छोड़ने का सुनहरा अवसर होने की उम्मीद है।”